४२५ ॥ श्री पवन नाथ जी ॥ चौपाई:- राम नाम अनमोल है जानो। जपत जाहि सुर मुनि सब मानो।१। पवन नाथ कहैं नर तन धारी। जपहु नाम हो मंगलकारी।२।